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छितरी इधर उधर वो शाश्वत चमक लिये
देखी जब रेत पर बिखरी अनाम सीपियाँ
मचलता मन इन्हें बटोर रख छोड़ने को
न जाने यह हैं किसका इतिहास समेटे

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26 April 2010

अज़ीब आदमी

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उन दिनों सरकार  ने  बाहर  जाने  पर  कड़ी  पाबंदी  लगा  रखी  थी   और  क्योंकि  बुलावा  केवल  धर्म  और  रणधीर  का था, इसलिए मंगला और दिल्लू नहीं जा सकती थी। बड़ी दौड़-भाग की, लेकिन  वक्त  न हीं था । धर्म  ने कहा कि वह  भी नहीं जाएगा,...
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12 April 2010

किसी का मुंह जो यह बात हमारे मुंह पर लावे

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.... ... के हमने यह नायाब अफ़साना जो रानी केतकी के नाम से चलता है, पूरा न किया ? वापस आकर देखता हूँ, तो डेढ़ महीने पूरा होना चाहते हैं.. और रानी का किस्सा कोने पड़ा मेरी राह तक रहा है । ज़माने की रुसवाईंयों ने मुझे खुद से रुबरू होने का इतना मौका भी न दिया कि रानी को लेकर किया मेरा कौल वखत पर...
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अँतर्जाल पर अतिथि पोस्ट अभिषेक इतिहास खलील ज़िब्रान गांधीजी चित्र वीथिका जवाहरलाल नेहरू तर्क विवेचन परमाणु प्रकृति प्रो. ए.पी.जे.कलाम बुनो कहानी भारत एक खोज मजहब मीमाँसा मुद्र्ण से.. मुर्दा क्यूँ यह मुद्दे ? यौन शोषण विद्रूपता का सच विविधा व्यँग्य सत्ता व्यवस्था की धमक साथियों की कलम ग़ुलज़ार

डा. अनुराग आर्य

अभिषेक ओझा

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    5 years ago
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    5 years ago
  • मछली का नाम मार्गरेटा..!! - मछली का नाम मार्गरेटा.. यूँ तो मछली का नाम गुडिया पिंकी विमली शब्बो कुछ भी हो सकता था लेकिन मालकिन को मार्गरेटा नाम बहुत पसंद था.. मालकिन मुझे अलबत्ता झल...
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भाई कूश