बहुचर्चित शशि हत्याकाण्ड की गूँज कुछ थम सी गयी है । पर मक़तूल के रिश्तेदार, कातिल और पैरोकार तो इसे अपने अपने ढँग से जी ही रहे हैं ! इस हत्याकाण्ड के मुख्य आरोपी आनन्द सेन के साथ अन्य आरोपियों में सीमा आज़ाद भी सह-आरोपी ठहरायी गयी हैं, केस विचाराधीन है.. ज़ाहिर है, कानून का पहिया अपनी ही रफ़्तार से घूमेगा । फिलहाल सभी अभियुक्त सलाखों की निगहबानी में हैं । जैसा कि अक्सर होता है, आदमी ज़ेल की तन्हाईयों में चिंतक और कवि हो जाता है । भला सीमा आज़ाद ही अछूती क्यों रहें ? आजकल वह भी कवितायें लिखने लग पड़ी हैं ।
इस वक़्त सीमा ज़मानत पर ज़ेल से बाहर हैं पर उनकी डायरी जो कि ज़ेल में लिखी जा रही थी, कुछ ऎसा व्यक्त कर रही हैं मानों उन्हें सत्य की ज्ञान प्राप्ति हो गयी हो । जो वह सत्ता और सत्तानसीनों के सानिध्य में रह कर न देंख पायी होंगी, उनके ज्ञानचक्षुओं को अब अनायास ही यह सब दिखने लग पड़ा है । एक बानगी है, उनकी एक कविता ’ वर्दियाँ ’ की कुछ पँक्तियाँ..
- वर्दियाँ
सच्चाई का सबूत मिटाती हैं वर्दियाँ,
किस तरह गुनहगार बनाती है वर्दियाँ
इनसे कोई भी बात बताना फ़िज़ूल है
सच को सच न कहो यही इनका उसूल है
किस तरह सरे-आम सताती हैं वर्दियाँ
इनका कोई भी न धर्म है न ही कर्म है कोई,
इनको किसी का डर है न ही शर्म है कोई
अपना ज़मीर भी बेच खाती हैं,वर्दियाँ
आगे और भी है..
क़ातिल को घुमाती हैं सरे-आम सड़क पर,
देती हैं खुले आम कातिलों का साथ ये
सुनती नहीं लाचार ग़रीबों की सिसकियाँ
हादसा होता नहीं इनके सलाह बिन
पहुँचेंगे देर से ही ये हो रात चाहे दिन
दामन को अपने साफ बताती हैं वर्दियाँ
कविता स्रोत : नाम अज्ञात रखने की शर्त पर एक प्रेसकर्मी मित्र के सौजन्य से
सम्पूर्ण पोस्टिंग उत्तरदायित्व : डा. अमर कुमार
तभी तो आज गुंडे राजगद्दी पर बैठे हैं और गरीब जनता उनकी पालकी ढो रही है। जेल में बैठ कर भी चुनाव जीत रहे हैं जबकि कानूनन कोई अपराधी चुनाव नहीं लड़ सकता!!!
आप भी दूर की चीज लाए हैं। बात तो सही ही लिखी है। पर फंस गए तब!
कितनी करीब से आँक कर सत्यता उजागर कर रही है कविता..ये जो भोग रहा हो..वही लिख सकता है.
आपका बहुत आभार इसे यहाँ तक लाने का.
जो वह सत्ता और सत्तानसीनों के सानिध्य में रह कर न देंख पायी होंगी, उनके ज्ञानचक्षुओं को अब अनायास ही यह सब दिखने लग पड़ा है।
(कटु) सच का सामना?
लगे हाथ टिप्पणी भी मिल जाती, तो...
कुछ भी.., कैसा भी...बस, यूँ ही ?
ताकि इस ललित पृष्ठ पर अँकित रहे आपकी बहूमूल्य उपस्थिति !